ब्रेल और प्रौद्योगिकी: साक्षरता और स्वतंत्रता को सशक्त बनाना
06/01/2025 हे कर्मराज तुम भ्रम में हो
अभी हार ना हमने मानी है
जो चाहते हैं हम वो करते हैं हम
ये बात कहाँ तूने जानी है।
ये सत्य है भाग्य को गढ़ते हो तुम
पर भाग्य बदलना है हमको
हमने भी ये दृढ्ता
मन में ठानी है।
हे कर्मराज तुम भ्रम में हो
अभी हार ना हमने मानी है।
एक शब्द जो सदा मन को भीतर से कचोटता है (दृष्टिबाधित) कहते हैं आप मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता। ये सत्य भी है कि किसी भी विषय की तह में जाने के लिए हमें उसकी गहराई में उतरना पड़ता है। इसी प्रकार दृष्टिबाधा कुछ अकर्मण्य लोगों के कथनानुसार जीवन के लिए एक अभिशाप से कम नहीं है। परंतु यदि हम जीवन के किसी भी अभाव के स्वभाव को देखें तो उसके भीतर एक विशेष प्रकार का प्रभाव होता है। यदि बात की जाए दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन के अभावपूर्ण स्वभाव की तो उसमें ब्रेल लिपि का ऐसा प्रभाव पड़ा कि जिसने बड़े बड़ों को दाँतों तले उँगली दबाने के लिए विवश कर दिया। कोई स्वप्न में कल्पना नहीं कर सकता कि छोटे-छोटे 6 बिंदुओं में स्पर्श के द्वारा 52 के रूप में संसार का सारा वह ज्ञान जिसे कहा जा सके समा सकता है।जहाँ कायर लोग टूटते हैं वहाँ लुईज़ ब्रेल जैसे महान ज्ञान के शूरवीर स्फूटते हैं और एक ऐसे वृक्ष के रूप में फलित होते हैं कि जिसकी छायाँ प्रत्येक पथिक को सुख प्रदान कर सके। एक पंचेंद्रीय जीव अपनी बाकी 4 इंद्रीयों का प्रयोग तो बड़ी सहजता से करता है परंतु 5वीं इंद्री स्पर्श का प्रयोग कुछ विरले लोग ही कर पाते हैं। लूईज़ ब्रेल उन विरले और महान लोगों का एक उदाहर्ण है जो मान कर जानने में नहीं अपितु जान कर मानने में विश्वास करते हैं।
ब्रेल लिपि क्या है?
वर्तमान में ब्रेल लिपि क्या है ये किसीको बताने या समझाने की आवश्यक्ता नहीं है। ब्रेल लिपि ने अपनी विशेष्टता और आकर्षकता से अपनी पहचान स्वयं बनाई है। ब्रेल लिपि मनुष्य के मस्तिष्क के प्रत्येक तार को छेड़ कर रख देती है तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। यदि इस बात की सिद्धिपूर्ण सत्यता जानना चाहें तो ब्रेल सीखने की आवश्यकता होगी। 6 बिंदुओं के माध्यम से प्रत्येक शब्द को समझना एकबारगी कठिन जान पड़ सकता है क्योंकि अंकों की अक्षर में पुनरावृत्ति से ऐसा अवश्य प्रतीत हो सकता है परंतु सीखने के बाद पढ़ने और वो भी गतिपूर्ण पढ़ने का आनंद ही कुछ और है। यदि विनोदवश कहा जाए कि ब्रेल लिपि पढ़ने वाला इंजीनीयर से कम नहीं तो मुझे नहीं लगता कि किसी को आपत्ति हो। ब्रेल लिपि के बिंदुओं की संरचना अपने आप में कुछ इस प्रकार की है कि स्पर्श करने मात्र से समझने में सरलता ही अनुभव होती है हालाँकि कुछ लोग इसे दो उँगलीयों से भी पढ़ते हैं परंतु इसका वास्तविक आनंद एक उँगली से पढ़ने में ही है।
तकनीकी के साथ ब्रेल
वर्तमान का युग विज्ञान और टैक्नलौजी का युग कहा जाता है और यह सही भी है। यदि ब्रेल लिपि का उपयोग तकनीक के साथ किया जाए तो यह बहुत उपयोगी और सार्थक सिद्ध हो सकता है। जहाँ एक तरफ लोग साइबर क्राइम आदि में फँस कर बहुत बड़ी हानी चाहे वो धन की हो या अन्य किसी भौतिक संसाधन की का शिकार हो रहे हैं ऐसे में ब्रेल लिपि इन हानियों को कई तरह से बचा सकती है।
पासवर्ड हैकिंग
वर्तमान में लोग पासवर्ड की हैकिंग की समस्या से विशेष रूप से ग्रसित हैं। इसके कारण कई भोले-भाले लोग ठगे जाते हैं। ब्रेल लिपि स्वयं एक अंकीय भाषा है ऐसे में यदि पासवर्ड के रूप में ब्रेल के अंकों का प्रयोग कर कम अक्षरों का बड़ा और जटिल पासवर्ड बनाया जाए जिसकी हैकिंग हर कोई नहीं कर सकता क्योंकि हैकिंग की पहली शर्त होगी ब्रेल लिपि सीखे होना जो कि हर किसी हैकर के लिए संभव नहीं हो सकता तो इससे पास्वर्ड हैकिंग की समस्या कम हो सकती है।
दृष्टिबाधित व्यक्तियों के पठन हेतु पृष्ठों की बचत
जी हाँ यदि ब्रेल लिपि को टैकनलौजी के साथ प्रयोग में लाया जाए तो कितने ही पृष्ठों की बचत हो सकती है पृष्ठों की बचत से वृक्षों की बचत होती है वृक्षों की बचत से प्रदूषण की कमी होती है और प्रदूषण की कमी से मनुष्य के अनमोल जीवन की बचत हो सकती है। जब मैंने स्वयं बी/एड की थी तो उस समय मुझे बहुत कुछ लिखने की आवश्यकता पड़ती थी ऐसे में यदि पृष्ठों का उपयोग किया जाए तो यह बहुत खरचीला और कठिन हो सकता था परंतु ब्रेल रिफ्रेशेबल डिस्पले के माध्यम से मैंने सहजता से इस कार्य को पूर्ण किया।
ब्रेल रिफ्रेशेबल डिस्प्ले क्या है?
ब्रेल रिफ्रेशेबल डिस्प्ले एक आयताकार तकनीकी यंत्र है जिसमें 40 खाने अर्थात् सैल बने हुए हैं। इसके ऊपर 6 बटन ब्रेल को लिखने एक बटन स्पेसबार एक ऐंटर और एक बैकस्पेस का है। साथ ही नीचे की तरफ 40 छोटे-छोटे बटन और हैं जो कि कर्सर को घुमाने में सहायता करते हैं। साथ ही इसमें एक बैट्री लगी हुई है जो कि चार्ज के माध्यम से डिस्प्ले को चलाने का कार्य करती है। इसका डेटा इसमें लगे मैमरी कार्ड में सेव होता है जो कि .brl फोर्मेट में सेव होता है। यह दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए इतना उपयोगी है कि सभी सामान्य दृष्टिवान लोगों के साथ बैठ कर आनंद और गर्व के साथ पठन कार्य में सहायक सिद्ध हो सकता है। अतः सरकार को दृष्टिबाधित व्यक्तियों की शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के तकनीकी माध्यम आवश्यकतावान व्यक्तियों तक पहुँचाने में मदद करनी चाहिए।
ब्रेलकृत तकनीकी यंत्र
ब्रेल रिफ्रेशेबल डिस्प्ले के समान ही अन्य ब्रेलकृत तकनीकी यंत्र audio पर दृष्टिबाधितों की निर्भरता को कम या सही शब्दों में कहूं तो समाप्त कर सकते हैं। जब भी बात audio सुनने या इसके माध्यम से कोई कार्य करने की होती है तो कही ना कही ये हमारे आत्मिक गर्व हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुँचाता है। परंतु तकनीक के माध्यम से बने यंत्र सभी के साथ सामंजस्य स्थापित करने में बहुत सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
गुप्त डेटा रखना
ब्रेल लिपि के माध्यम से अपने व्यक्तिगत बहुत-से डेटा को हम गुप्त रूप से संजोकर रख सकते हैं।
एकाग्रता में वृद्धि।
चुंकि ब्रेल लिपि मात्र बिंदुओं पर आधआरित है, इसके अनुसार प्रत्येक अक्षर अंक पर आधारित होते हैं। जबकी देवनागरि लिपि आकृति आधारित है। अतः देवनागरि लिपि में संसार की विभिन्न प्रकार की समस्त भाषाओं को लिखने हेतु पृथक-पृथक आकृतियों का प्रयोग किया जाता है। जबकी ब्रेल लिपि में एक ही आकृति सेस्पर्श के माध्यम से कई अक्षर कई भाषाओं में बन सकते हैं। तदनानुसार मनुष्य के मसतिष्क की एकाग्रता को बढ़ाने में ब्रेल लिपि एक कारगर माध्यम सिद्ध हो सकती है।
हमारे भारत केमाननीय प्रधान मंत्री जी अक्सर एक नारे के साथ देश को एक सूत्र में बांधने का प्रयास करते देखे गए हैं कि (सबका साथ सबका विकास) विकास का अर्थ मात्र भौतिक सम्पन्नता ही नहीं है अपितु मनुष्य को मानसिक गौरव भी सुखी जीवन जीने के लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि गाड़ी के लिए पैट्रोल अतः तकनीक के साथ ब्रेल का सामंजस्य होने से दृष्टिबाधित और दृष्टिवान के मध्य जो खाई है या यों कहें कि असमानता की खाई है उसे पाँटा जा सकता है। अतः तकनीकी के साथ ब्रेल का प्रयोग हर स्तर पर सही और उपयोगी सिद्ध होगा।
मनीषा जैन।